हमर छत्तीसगढ़

वन उपज से समृद्धि की राह बालोद की सहकारी समितियों ने उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा से की भेंट, संग्राहक हितों को नई ऊर्जा

बालोद:- छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज आधारित आजीविका को मजबूती देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के तहत बालोद जिले की प्राथमिक वन उपज सहकारी समितियों के अध्यक्षों के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा से उनके बालोद स्थित निवास पर सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात न केवल औपचारिक थी, बल्कि वन संग्राहक परिवारों के भविष्य को लेकर साझा संकल्प और सकारात्मक संवाद का प्रतीक बनी प्राथमिक वन उपज सहकारी समिति बालोद के अध्यक्ष लोचन सिन्हा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने उपाध्यक्ष शर्मा को संघ में मिले नवीन दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और भाजपा संगठन के प्रति आभार जताया, जिनके निर्णयों से वनोपज संग्राहकों के जीवन में ठोस बदलाव देखने को मिल रहे हैं।सत्रह समितियों की एकजुट आवाज उल्लेखनीय है कि बालोद जिले में प्राथमिक वन उपज सहकारी समितियों की कुल 17 इकाइयां सक्रिय हैं। इन सभी का प्रतिनिधित्व करते हुए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वनोपज क्षेत्र में सरकार के निर्णयों ने जमीनी स्तर पर भरोसा और उत्साह पैदा किया है।

व्यापक सहभागिता, मजबूत संदेश

इस अवसर पर टेकापार, लोहारा, घोटिया, बड़भूम, गुरुर, डौंडी, रेंगाडबरी, भर्रीटोला, लोहारटोला सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि वन उपज आधारित विकास में महिला नेतृत्व भी सशक्त भूमिका निभा रहा है।

तेंदूपत्ता निर्णय से बदली तस्वीर

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा तेंदूपत्ता का मानक बोरा मूल्य 5500 रुपये किया जाना संग्राहकों के लिए ऐतिहासिक फैसला है। इस निर्णय से हजारों परिवारों की आय में बढ़ोतरी हुई है और उनके जीवन में स्थायित्व व सम्मान का भरोसा आया है।मांगों पर गंभीर संवाद, सकारात्मक भरोसा भेंट के दौरान अध्यक्षों ने क्षेत्रीय समस्याओं और आवश्यकताओं से उपाध्यक्ष शर्मा को अवगत कराया। शर्मा ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।मूल्य संवर्धन से बढ़ेगी आय सहकारी समितियों के अध्यक्षों ने इमली और पलाश जैसी महत्वपूर्ण लघु वनोपज के बेहतर उपयोग पर जोर देते हुए बालोद जिले में मूल्य संवर्धन एवं विपणन इकाई स्थापित करने का सुझाव दिया। विशेष रूप से बड़भूम क्षेत्र के आसपास ऐसी इकाई शुरू करने से स्थानीय और जनजातीय संग्राहकों को उचित मूल्य और स्थायी रोजगार मिल सकता है।सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वनोपज संग्राहक परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वनोपज संघ के माध्यम से शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। उन्होंने सभी अध्यक्षों से पारदर्शिता, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए संग्राहक परिवारों की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।यह सौजन्य भेंट केवल बधाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि वन उपज से आत्मनिर्भरता, सम्मान और समृद्धि की साझा यात्रा को नई दिशा देने वाला प्रेरक संवाद बनकर उभरी।

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