बिजली नहीं मिली सवाल मिल गए डौंडीलोहारा में मनीराम मॉडल का अंधकार का राज खुल गए

बालोद :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला में डौंडीलोहारा के अन्नू टोला में बिजली नहीं है लेकिन सिस्टम में अंधेरा पूरी तरह फैला हुआ है दो माह पहले पद्मावती के नाम से घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया गया था कागज़ पूरे प्रक्रिया पूरी लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं वजह बताई जाती है ट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं है यह जवाब जितना सरल दिखता है उतना ही झूठ और चालाकी से भरा हुआ है असलियत यह है कि अन्नू टोला में लगा 25 केवी का ट्रांसफार्मर पहले से 15 एचपी का लोड झेल रहा था और उसके बाद भी उसी ट्रांसफार्मर से 12 एचपी का अतिरिक्त ओवरलोड कनेक्शन नियमों को रौंदते हुए दे दिया गया यानी जहां चाहा वहां क्षमता अचानक बढ़ गई और जहां एक गरीब महिला ने घरेलू कनेक्शन मांगा वहां ट्रांसफार्मर कमजोर हो गया यह तकनीकी समस्या नहीं यह साफ साफ सत्ता और सिफारिश की राजनीति है इस पूरे खेल में जो नाम बार बार उभर कर सामने आता है वह है मनीराम बिजली विभाग के गलियारों में मनीराम कोई आम नाम नहीं बल्कि एक ऐसा चेहरा है जिसके इशारे पर नियम झुकते हैं और फाइलें दौड़ती हैं जिस ट्रांसफार्मर पर क्षमता नहीं का बोर्ड टांगा गया उसी पर मनीराम के करीबी लोगों को ओवरलोड कनेक्शन मिल जाना महज संयोग नहीं हो सकता यह वही मनीराम है जिसके पूर्व कारनामे क्षेत्र में किसी से छुपे नहीं कभी नियम विरुद्ध कनेक्शन कभी कर्मचारियों पर दबाव तो कभी ऊपर तक मैनेज है का घमंड हर बार मामला दबता रहा और हर बार आम आदमी हारता रहा सबसे बड़ा सवाल बिजली विभाग की भूमिका पर है क्या विभाग जनता के लिए है या मनीराम जैसे लोगों की निजी जागीर अगर ट्रांसफार्मर की क्षमता सच में नहीं है तो 12 एचपी का ओवरलोड किस नियम के तहत दिया गया और अगर ओवरलोड दिया जा सकता है तो एक साधारण घरेलू कनेक्शन से इतनी नफरत क्यों यह दोहरा मापदंड नहीं बल्कि संस्थागत भ्रष्टाचार की खुली स्वीकारोक्ति है डौंडीलोहारा का यह मामला बताता है कि आज भी व्यवस्था में गरीब के लिए फॉर्म मध्यम के लिए बहाने और प्रभावशाली के लिए सीधा कनेक्शन है पद्मावती सिर्फ एक नाम नहीं है वह उन सैकड़ों आवाज़ों का प्रतीक है जिन्हें सिस्टम हर रोज़ चुप कर देता है अब सवाल यह नहीं कि कनेक्शन कब मिलेगा सवाल यह है कि मनीराम के संरक्षण में कितने नियम कुचले गए कितने ट्रांसफार्मर क्षमता नहीं का बहाना बनाकर जनता को ठगा गया और कब तक बिजली विभाग आंख मूंदे बैठा रहेगा यह संपादकीय चेतावनी है अगर इस मामले में निष्पक्ष जांच जिम्मेदारों पर कार्रवाई और तत्काल कनेक्शन नहीं दिया गया तो यह अंधेरा सिर्फ अन्नू टोला तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे सिस्टम की साख को जला देगा क्योंकि जहां बिजली नहीं मिलती वहां सवाल जलते हैं और अब सवाल जल उठे हैं



