महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब भट्टी बंद रखने की मांग, युवा कांग्रेस ने जिला प्रशासन को घेरा

बालोद:- छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि के दिन शराब भट्टी बंद रखने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस बालोद जिला प्रशासन के पास पहुँची। यह मांग केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता के विचारों, त्याग और देश की आज़ादी में किए गए ऐतिहासिक योगदान के सम्मान से जुड़ा हुआ सवाल है। युवा कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महात्मा गांधी के नाम और उनके आदर्शों को नजरअंदाज करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की इतिहास में किए गए कार्यों को देखते हुए विभिन्न सरकारों द्वारा उनके जन्म जयंती और पुण्यतिथि को शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। वर्षों से यह परंपरा रही है कि इन दोनों अवसरों पर शराब भट्टी को बंद रखा जाता है, ताकि देश उनके विचारों को स्मरण कर सके और समाज में नैतिक मूल्यों का संदेश जाए। लेकिन वर्तमान में बीजेपी सरकार आने के बाद महात्मा गांधी के नाम को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, ऐसा आरोप युवा कांग्रेस ने खुलकर लगाया।युवा कांग्रेस का कहना है कि 30 जनवरी 2026 को महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि होने के बावजूद प्रशासन की तरफ से किसी भी प्रकार का शराब भट्ठियों को बंद रखने का आदेश जारी नहीं किया गया है। यह न केवल राष्ट्रपिता के अपमान का मामला है, बल्कि उन मूल्यों पर भी सीधा हमला है जिनके बल पर देश को आज़ादी मिली। गांधी जी ने नशामुक्त समाज का सपना देखा था और उनके पुण्यतिथि के दिन शराब भट्टी खुली रखना उस सपने को कुचलने जैसा है।इसी विरोध में युवा कांग्रेस बालोद द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के देश की आज़ादी में किए गए योगदान को याद करते हुए बालोद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में स्पष्ट और कड़े शब्दों में मांग की गई कि कल जिला प्रशासन बालोद जिले की सभी शराब भट्टी को बंद करे। युवा कांग्रेस ने चेताया कि यह मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता के सम्मान और सामाजिक चेतना के लिए है।युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते फैसला नहीं लिया और भट्टी बंद रखने का आदेश जारी नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। भट्टी बंद नहीं रखने पर युवा कांग्रेस बालोद द्वारा शराब भट्ठियों के सामने “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम” के जय घोष के नारे के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसकी आवाज़ प्रशासन के कानों तक गूंजेगी।युवा कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में लगातार महात्मा गांधी के नाम, विचार और प्रतीकों को हाशिए पर धकेलने का प्रयास हो रहा है। कभी कार्यक्रमों में उनकी उपेक्षा, तो कभी उनके आदर्शों के विपरीत फैसले—यह सब एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। 30 जनवरी जैसे पावन दिन पर शराब भट्टी बंद न करना इसी कड़ी का ताजा उदाहरण है।
ज्ञापन सौंपते समय युवा कांग्रेस ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन वास्तव में राष्ट्रपिता का सम्मान करता है, तो उसे तुरंत आदेश जारी कर बालोद जिले की सभी शराब भट्ठियों को बंद करना चाहिए। यह फैसला न केवल गांधी जी के प्रति श्रद्धांजलि होगा, बल्कि समाज को यह संदेश भी देगा कि सरकार और प्रशासन नैतिक मूल्यों के साथ खड़े हैं।
अंत में युवा कांग्रेस ने दो टूक कहा कि यह लड़ाई किसी एक दिन की नहीं है, बल्कि गांधी जी के विचारों को जिंदा रखने की लड़ाई है। अगर प्रशासन ने अनदेखी की, तो युवा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगी और हर शराब भट्ठी के सामने गांधी जी के भजन और जय घोष के साथ अपनी आवाज बुलंद करेगी। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक महात्मा गांधी के सम्मान में शराब भट्टी बंद रखने का आदेश जारी नहीं होता।



