हमर छत्तीसगढ़

म्यूल अकाउंट का काला खेल बेनकाब दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 आरोपी धराए 

 

रिपोर्टर :- गोपाल निर्मलकर 

दुर्ग:- छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून का शिकंजा कस दिया है। ये आरोपी बैंक खातों को “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल कर देशभर में फैली साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने का काम कर रहे थे।

जांच में सामने आया कि कर्नाटक बैंक की स्टेशन रोड स्थित शाखा में संचालित 111 खातों के जरिए करीब 86 लाख 33 हजार 247 रुपये की अवैध राशि का लेन-देन हुआ। यह रकम देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध के जरिए ठगी गई थी और इन खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी, जिससे अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो सके।

पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और ठोस इनपुट के आधार पर खाताधारकों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में जब पर्याप्त सबूत सामने आए, तो 30 मार्च 2026 को सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच तेज कर दी गई है।

गिरफ्तार आरोपियों में मधु साहू, ज्योति गौतम, फरहद खान, भूपेश गोहिल, अजय कुमार उर्फ मोनू, मसीर आलम, नवीन भागवत, भूपेंद्र कुमार टंडन, संतोष बिसाई और हीरा सिंह शामिल हैं। इनके पास से बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं।

पूरे मामले की जड़ में लालच और आसान कमाई की चाह सामने आई है। आरोपी अपने बैंक खाते दूसरों को इस्तेमाल करने देते थे, जिसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। यही छोटी लालच उन्हें सीधे अपराध की दुनिया में ले गई।

दुर्ग पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या वित्तीय जानकारी किसी को भी न सौंपें। थोड़ी सी लापरवाही आपको भी अपराधी बना सकती है।

यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि समाज के लिए भी एक सख्त संदेश—साइबर ठगी के खिलाफ अब कानून पूरी ताकत से खड़ा है।

Related Articles

Back to top button