हमर छत्तीसगढ़

जोहार छत्तीगढ़ पार्टी का बड़ा हमला — आबकारी विभाग की शह पर फल-फूल रहा गांजा कारोबार, कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन

 

संपादक:- मीनू साहू

बालोद:- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में गुरुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अरकार में अवैध गांजा कारोबार को लेकर अब जनआक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। जोहार छत्तीगढ़ पार्टी ने पूरे मामले को गंभीर सामाजिक संकट बताते हुए आबकारी विभाग पर सीधा संरक्षण देने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं और ग्रामीणों का कहना है कि गांव का चर्चित गांजा सप्लायर दिलीप वर्षों से खुलेआम नशे का धंधा चला रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल दिखावटी कार्रवाई कर जनता को गुमराह करता रहा है।

अज्ञात सूत्रों से पता चला है कि हाल ही में आबकारी विभाग ने दिलीप को गांजा मामले में पकड़ा था, लेकिन बाद में कथित रूप से पैसों का खेल कर उसे छोड़ दिया गया। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपी निर्दोष था तो उसे पकड़ा क्यों गया, और यदि दोषी था तो कानूनी कार्रवाई से बचाया किसके दबाव में गया?

ग्रामीणों का आरोप है कि अरकार और आसपास के क्षेत्रों में नशे का जाल तेजी से फैल चुका है। युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है, परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच रहे हैं और गांव का सामाजिक वातावरण लगातार विषैला बनता जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों को कागजों में दबाकर चुप्पी साधे बैठे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।

जोहार छत्तीगढ़ पार्टी ने तीखे शब्दों में कहा कि “जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो जनता आखिर न्याय की उम्मीद किससे करे?” पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग की निष्क्रियता और कथित मिलीभगत के कारण ही गांजा तस्करों के हौसले बुलंद हैं। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां नशे की गिरफ्त में पूरी तरह तबाह हो जाएंगी।

पार्टी और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक तथा राज्य सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी तस्करों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जोहार छत्तीगढ़ पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क से लेकर जिला मुख्यालय तक बड़ा जनआंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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