धर्म-अध्यात्म

सावन का दूसरा सोमवार 21 जुलाई को: जानें पूजन विधि, शुभ मुहूर्त और शिव कृपा पाने के सरल उपाय

नई दिल्ली। देवों के देव महादेव का प्रिय महीना सावन इन दिनों पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में यह महीना बेहद पवित्र माना जाता है, जिसमें भगवान शिव की पूजा-अर्चना विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि सावन मास में शिव जी की विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

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सावन के सोमवार का महत्व

श्रावण मास में आने वाले प्रत्येक सोमवार का धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्व होता है। विशेष रूप से इस दिन व्रत रखकर, शिवलिंग का जलाभिषेक और पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शिवभक्त इस दिन व्रत रखते हैं और जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र और गंगाजल से भगवान शिव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।

सावन का दूसरा सोमवार: 21 जुलाई

द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में सावन माह की शुरुआत 11 जुलाई से हुई है और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। इस वर्ष सावन का दूसरा सोमवार 21 जुलाई, यानी कल पड़ रहा है।

शुभ मुहूर्त और योग

इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:55 बजे तक रहेगा। वृद्धि योग सुबह से लेकर शाम 6:39 बजे तक रहेगा। साथ ही अमृत सिद्धि योग रात 9:07 बजे से लेकर अगले दिन यानी 22 जुलाई को सुबह 5:37 बजे तक रहेगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी पूरे दिन रहेगा, जिससे किसी भी समय शिव पूजन करना शुभ रहेगा।

पूजन विधि

भक्तों को इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद मंदिर या घर में शिवलिंग का श्रद्धा से पूजन करें। शिवलिंग पर क्रमशः जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। फिर शिव को बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल, अक्षत और चंदन अर्पित करें।

पूजन के अंत में भगवान शिव को सफेद मिठाई का भोग लगाएं और तीन बार ताली बजाकर अपनी मनोकामना व्यक्त करें। धार्मिक मान्यता है कि इस विधि से पूजन करने पर भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

विशेष सलाह

सावन के सोमवार को व्रत रखने वाले भक्तों को पूरे दिन सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। साथ ही शिवपुराण या रुद्राष्टक का पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

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