बिल्हा पुलिस पर ग्रामीण ने लगाए गंभीर आरोप, जुआ केस में फंसाकर की गई 10 हजार की वसूली!

बिलासपुर। बिल्हा थाना क्षेत्र में जुआ एक्ट के तहत की गई एक कार्रवाई अब खुद पुलिस के लिए ही मुश्किल बनती जा रही है। चिचिरदा गांव के एक ग्रामीण रवि प्रकाश कौशिक ने थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों पर झूठे केस में फंसाने और 10,000 रुपये की अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है।
चोरी के आरोप में तीन गिरफ्तार, 5 किलो चांदी, सोना, नकदी और औजार बरामद
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत बिलासपुर रेंज आईजी और एसपी को सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
रवि कौशिक के मुताबिक, 19 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे वह ग्राम केशला स्थित अपने खेत में मजदूरों के साथ दवाई छिड़काव करने गया था। उसने खेत से कुछ दूरी पर मौली चौक के पास अपनी इलेक्ट्रिक बाइक खड़ी की थी।
इसी दौरान, बिल्हा थाना के निरीक्षक उमेश साहू और प्रधान आरक्षक हमराज समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों ने बिना किसी नोटिस के उसकी बाइक जब्त कर ली।
थाने में धमकी और जबरन कैश वसूली का आरोप
जब रवि को घटना की जानकारी गांव के सुखदास बंजारे से मिली तो वह मौके पर पहुंचा और बाइक जब्त करने का कारण पूछा। रवि का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौच की, मोबाइल छीन लिया और जबरन गाड़ी में बैठाकर उसे बिल्हा थाने ले जाया गया।
थाने में पुलिस ने 20,000 रुपये की मांग की और जब वह नहीं दे सका तो उसे गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी दी गई। डर के मारे रवि ने बताया कि उसके खाते में पैसे हैं, जिसके बाद पुलिसकर्मी उसे च्वाइस सेंटर ले गए। वहां से उसने 10,000 रुपये नकद निकाले और यह रकम प्रधान आरक्षक बलराम विश्वकर्मा को सौंप दी।
शिकायत में क्या मांगा गया है?
पीड़ित ने अपनी विस्तृत शिकायत में कहा है कि वह निर्दोष है और केवल खेत में काम कर रहा था। उसने पुलिस पर मानसिक उत्पीड़न, अवैध वसूली और झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।



