सोनम वांगचुक पर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप, SECMOL का FCRA पंजीकरण रद्द

नई दिल्ली।
लद्दाख में स्वतंत्र राज्य की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकारी एजेंसियों ने उनकी संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है, जिसमें विदेशी फंडिंग के गलत इस्तेमाल और कानूनों का उल्लंघन शामिल है। दावा किया जा रहा है कि जन आंदोलनों के नाम पर निजी लाभ के लिए फंड्स का दुरुपयोग हुआ।
वांगचुक की प्रमुख NGO स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दो महीने से अधिक समय से प्रारंभिक जांच शुरू की है। इसमें विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के उल्लंघन के आरोप हैं, जैसे विदेशी चंदे की गलत जानकारी देना, नियमों का पालन न करना और फंड्स लौटाने में चूक। आज गृह मंत्रालय ने SECMOL का FCRA पंजीकरण रद्द कर दिया, जो इन उल्लंघनों पर आधारित है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के FEMA के तहत भी जल्द जांच संभव है।
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। 2023-24 में 6 करोड़ रुपये के दान से बढ़कर 2024-25 में यह 15 करोड़ से अधिक हो गया। संस्था के 7 बैंक खातों में से 4 की घोषणा नहीं की गई। बिना FCRA पंजीकरण के ही HIAL को 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा विदेशी फंड मिला। इसके अलावा, HIAL से 6.5 करोड़ रुपये शेष्योन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड में ट्रांसफर किए गए, जहां वांगचुक निदेशक हैं। SECMOL के 9 खातों में से 6 अघोषित बताए जा रहे हैं, और स्थानीय फंड्स को FCRA खाते में जमा करने का भी आरोप है।
वांगचुक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये सेवा समझौते थे, जिन पर टैक्स चुकाया गया, और कोई विदेशी दान नहीं लिया गया। CBI ने हाल ही में HIAL व SECMOL का दौरा कर 2022-24 के फंड्स की जांच की। सरकार का कहना है कि ये कदम राष्ट्रीय हित में हैं।



