हमर छत्तीसगढ़

पुराने विभाग के घोटाले और बालोद की भर्ती— बड़े साहब की दोहरी चाल, हिंद सेना का ऐलान

 

बालोद:-छत्तीसगढ़ के हिंद सेना संयोजक तरुण नाथ योगी ने खुलासा करते हुए कहा कि आज के बालोद में ईमानदारी का मुखौटा पहनकर जनता के सामने घूम रहे हैं, लेकिन जब वे समग्र शिक्षा विभाग में थे, तब अरबों का गबन किसकी निगरानी में हुआ? और आज बालोद में महिला एवं बाल विकास विभाग की भर्ती में जिस तरह पारदर्शिता का मजाक उड़ाया जा रहा है, उस पर उनकी खामोशी क्यों है? जनता अब पुराने गुनाह और नए ढोंग दोनों का हिसाब मांग रही है।पुराने विभाग में एक-एक कर घोटालों की परतें खुल रही हैं। टाटपटी घोटाले में करोड़ों की खरीदी कागज़ों पर दर्ज हुई, लेकिन स्कूलों तक माल नहीं पहुँचा। बेंच-डेस्क घोटाले में भी बच्चों को आज तक ज़मीन पर बैठना पड़ रहा है। किताब और स्टेशनरी घोटाले में फर्जी सप्लाई और घटिया छपाई के नाम पर करोड़ों डकार लिए गए। वहीं लैपटॉप और स्मार्ट क्लास घोटाला शिक्षा सुधार के नाम पर सीधी लूट साबित हुआ—न बच्चों तक लैपटॉप पहुँचे, न स्मार्ट क्लास चले। सवाल है कि यह सब बड़े अफसर की छत्रछाया के बिना कैसे संभव हुआ?अब बालोद की संविदा भर्ती की तस्वीर उतनी ही बदनाम है।

यहां भी ईमानदारी सिर्फ कागज़ों पर है। मेहनती युवाओं को दरकिनार कर रसूख़दारों और चहेतों को प्राथमिकता दी गई। शिकायतें लगातार उठ रही हैं लेकिन जिला प्रशासन मौन है। यही मौन इस बात का सबूत है कि ईमानदारी का दावा सिर्फ़ दिखावा है।युवाओं का धैर्य अब टूट चुका है। हिंद सेना ने साफ ऐलान किया है कि 07 अक्टूबर 2025 को कलेक्टोरेट के सामने प्रतिकात्मक प्रदर्शन होगा। उद्देश्य यही है कि जब तक भ्रष्टाचारियों का सिर झुककर शर्मिंदा नहीं होगा, तब तक संगठन के सदस्य अपना सिर मुंडवाकर यह दिखाएँगे कि जनता अब और अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी। यह विरोध केवल नारों का खेल नहीं, बल्कि सत्ता और प्रशासन की दोहरी चाल पर तीखा प्रहार है।इस आंदोलन को ओबीसी महासभा और अन्य संगठनों का भी समर्थन मिल चुका है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे तरुणनाथ योगी ने दो टूक कहा है—अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लड़ाई बालोद से निकलकर पूरे प्रदेश में लहर की तरह फैलेगी। यह केवल भर्ती घोटाले का विरोध नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की रक्षा और जनता की गरिमा की लड़ाई है।अब जनता पूछ रही है — पुराने विभाग की लूट पर मौन क्यों थे और नई भर्ती की धांधली पर खामोश क्यों हैं? हिंद सेना का उद्देश्य साफ है: जब तक भ्रष्टाचारियों को सजा नहीं मिलेगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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