जीएसटीएटी में नियुक्तियों को मंत्रिमंडल की मंजूरी, 83 सदस्यों की नियुक्ति से जीएसटी विवादों का समाधान होगा तेज

नई दिल्ली, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने राजस्व विभाग के तहत माल एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) के लिए महत्वपूर्ण नियुक्तियों को हरी झंडी दे दी है। इन नियुक्तियों में नई दिल्ली स्थित GSTAT की प्रधान पीठ और विभिन्न राज्य पीठों में तकनीकी और ज्यूडिशियल सदस्यों की नियुक्तियां शामिल हैं। यह कदम जीएसटी से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान और कर प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रधान पीठ में नियुक्तियां
केंद्र सरकार ने GSTAT की नई दिल्ली स्थित प्रधान पीठ के लिए दो प्रमुख नियुक्तियां की हैं:
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ए. वेणु प्रसाद (सेवानिवृत्त IAS): तकनीकी सदस्य (राज्य) के पद पर नियुक्त।
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अनिल कुमार गुप्ता (सेवानिवृत्त IRS, C&IT): तकनीकी सदस्य (केंद्र) के पद पर नियुक्त।
राज्य पीठों में नियुक्तियां
GSTAT की विभिन्न राज्य पीठों में कुल 83 सदस्यों की नियुक्ति की गई है, जिनमें शामिल हैं:
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31 IRS अधिकारी: तकनीकी सदस्य (केंद्र) के पद पर।
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52 ज्यूडिशियल सदस्य: विभिन्न राज्यों की GSTAT पीठों में नियुक्त।
नियुक्ति की अवधि
सभी नियुक्तियां चार वर्ष की अवधि या 67 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) के लिए की गई हैं। यह व्यवस्था जीएसटी से संबंधित अपीलों की सुनवाई में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करेगी।
GSTAT का महत्व
माल एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) जीएसटी से संबंधित विवादों के निपटारे के लिए एक महत्वपूर्ण संस्था है। इन नई नियुक्तियों से जीएसटी कानून के तहत अपीलों की सुनवाई में तेजी आएगी, जिससे करदाताओं को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिल सकेगा। यह कदम डिजिटल और पारदर्शी कर प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
सरकार का रुख
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने इन नियुक्तियों को जीएसटी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का कहना है कि ये नियुक्तियां न केवल जीएसटी विवादों के समाधान में तेजी लाएंगी, बल्कि कर प्रशासन में विश्वास और पारदर्शिता को भी बढ़ाएंगी।



