केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन का 101 वर्ष की उम्र में निधन, राज्य में शोक की लहर

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के वरिष्ठ नेता वेलिक्काकाथु शंकरन अच्युतानंदन (वी.एस.) का निधन हो गया है। उन्होंने तिरुवनंतपुरम के एसयूटी अस्पताल में 21 जुलाई को दोपहर 3:20 बजे अंतिम सांस ली। वह 101 वर्ष के थे और पिछले कुछ वर्षों से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।
लंबे समय से चल रहे थे बीमार
जानकारी के अनुसार, वी.एस. अच्युतानंदन को दिल का दौरा पड़ने और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें ICU में रखा गया था। वर्ष 2019 में ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद से वह बिस्तर पर थे और तब से सार्वजनिक जीवन से धीरे-धीरे दूर हो गए थे।
राजनीतिक जीवन का लंबा सफर
वी.एस. अच्युतानंदन 2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे। वह मजदूर आंदोलनों से उभरे एक प्रभावशाली नेता थे और CPIM की विचारधारा के पक्के अनुयायी माने जाते थे। उनकी छवि एक साफ-सुथरे, निर्भीक और जनहितैषी नेता की थी।
परिवार के साथ गुजार रहे थे समय
अपने अंतिम वर्षों में अच्युतानंदन अपने बेटे के घर पर ही रह रहे थे और उम्रजनित बीमारियों के चलते अधिकांश समय घर में ही व्यतीत करते थे। उनके निजी सचिव ए.जी. शशिधरन नायर ने कहा:
“वी.एस. ऐसे नेता थे, जो कभी किसी से नहीं डरते थे। जब भी कोई जनहित का मुद्दा होता था, वे पार्टी लाइन पर डटे रहते थे और बिना झिझक अपनी बात रखते थे।”
केरल में शोक की लहर
पूर्व मुख्यमंत्री के निधन की खबर से पूरे केरल में शोक की लहर है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक, हर ओर वी.एस. के योगदान को याद किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियाँ की जा रही हैं।



