जीएसटी रिफॉर्म्स: लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर जीरो टैक्स, पॉलिसीहोल्डर्स को बड़ी राहत

नई दिल्ली। सरकार ने 22 सितंबर 2025 से देशभर में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स लागू कर दिए हैं, जिससे दूध, घी, तेल, टीवी, एसी, कार और बाइक जैसे सामान सस्ते हो गए हैं। सबसे बड़ी राहत लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर मिली है, जहां जीएसटी को पूरी तरह शून्य कर दिया गया है। इससे पॉलिसीहोल्डर्स को प्रीमियम भुगतान में बड़ी बचत होगी।
जीएसटी रिफॉर्म्स का नया ढांचा
नए रिफॉर्म्स के तहत 12% और 28% जीएसटी स्लैब खत्म कर सामानों को 5% और 18% स्लैब में शामिल किया गया है। लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर पहले 18% जीएसटी लगता था, जिसे अब शून्य कर दिया गया है। यह बदलाव 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स में पहली पूर्ण कटौती है। यह सभी पर्सनल यूलिप प्लान, फैमिली फ्लोटर, सीनियर सिटीजन और टर्म प्लान पर लागू होगा।
प्रीमियम पर कितनी बचत?
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30,000 रुपये मासिक प्रीमियम: पहले 18% जीएसटी के साथ 5,400 रुपये अतिरिक्त जोड़कर 35,400 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। अब जीरो जीएसटी के बाद केवल 30,000 रुपये का बेस प्रीमियम देना होगा, यानी 5,400 रुपये की मासिक बचत।
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10,000 रुपये मासिक प्रीमियम: पहले 1,800 रुपये जीएसटी के साथ 11,800 रुपये देना पड़ता था। अब केवल 10,000 रुपये देने होंगे, यानी 1,800 रुपये की मासिक बचत।
पॉलिसीहोल्डर्स के लिए तोहफा
सरकार ने लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए यह बड़ा कदम उठाया है। इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स खत्म होने से पॉलिसीहोल्डर्स को आर्थिक राहत मिलेगी और इंश्योरेंस लेना अधिक किफायती होगा। यह कदम आम लोगों के लिए वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।



